बिन्दुखत्ता
सनातन धर्म का मूल तत्व मानव धर्म है जिसमें सर्व मंगल का भाव समाहित है यही मानव धर्म है जिसकी आज की नितांत आवश्यकता है।
उक्त बात श्री हंस प्रेम योग आश्रम, संजय नगर, द्वितीय बिंदुखत्ता में शिवरात्रि के अवसर पर आयोजित विराट सद्भावना सम्मेलन को संबोधित करते हुए आध्यात्मिक गुरु और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि का पावन पर्व भारत में ही नहीं बल्कि विश्व के अनेक देशों में उल्लास पूर्वक मनाया जाता है महाशिवरात्रि का पावन पर्व हमें सामाजिक समरसता सौहार्द एवं समरसता का संदेश देता है उन्होंने कहा कि आज अध्यात्म एवं भौतिक विकास दोनों के समन्वय की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को पर्यटन की दृष्टि से आगे ले जाने का काम हो रहा है और विंटर डेस्टिनेशन पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक कारगर पहल की गई है उन्होंने कहा कि कभी सर्दियों में सैलानियों का आगमन पहाड़ की ओर नहीं होता था लेकिन जब से विंटर डेस्टिनेशन की परिकल्पना को धरातल में लाया गया है तब से अध्यात्म के साथ-साथ टूरिज्म भी बढा है।
महाराज ने कहा कि समुद्र मंथन में निकले हलाहल विष को पीने में किसी की भी सामर्थ नहीं थी तब शिव जैसा व्यक्तित्व ही उसे हलाहल विष को अपने कंठ में धारण कर सकता है इसीलिए उन्हें देवों का देव और नीलकंठ नाम दिया गया उन्होंने कहा कि आध्यात्म से मनुष्य अनुशासित जीवन जीता है और बड़े से बड़े आयोजन बगैर किसी व्यवस्था के सुचारू रूप से संपन्न होते हैं क्योंकि जब किसी भक्त के अंदर आध्यात्मिकता का समावेश हो जाता है तो वह स्वयं से प्रेरणा लेकर व्यवस्थाओं का खुद-ब-खुद संचालन करने लगता है और वास्तव में यही आध्यात्मिक व्यक्ति की मूल पहचान भी है उन्होंने तीन प्रकार के भक्तों का उदाहरण दिया जिसमें एक वह भक्त जो सुनने के बाद उसको निरर्थक व्यतीत कर देते हैं दूसरे जो सुनने के बाद लोगों से कहते हैं और तीसरे जो सुनने के बाद उसे अपने अंतर्मन में धारण कर उसे जीवन में उतार लेते हैं इस दौरान अमृता माताजी ने भी सारगर्भित उद्बोधन के माध्यम से शिव और शक्ति के महत्व को समझाते हुए सभी से सनमार्गी बनने का आह्वान किया उन्होंने कहा कि समय के सदगुरुदेव समय-समय पर इस धरा धाम में आकर धर्म की स्थापना करते हैं और मानव को उसके वास्तविक जीवन के उद्देश्यों का बोध भी करते हैं। सद्भावना सम्मेलन में हजारों लोगों की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह ब्लॉक प्रमुख तथा जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से किए जाने की भी पहल कर रहे हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे एवं भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त किया जा सके।
इस अवसर पर बिंदुखत्ता के ग्रामीणों ने राजस्व गांव की दिशा में जल्दी पहल किए जाने को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री अमृता रावत, सुयश रावत, विधायक डॉ मोहन बिष्ट, पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र दुर्गापाल, पूर्व विधायक नवीन दुमका, संतोष दुबे, ओमप्रकाश, देव सिंह राणा सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

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