मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक जल स्रोतों और नदियों और नालों के किनारों पर किसी भी प्रकार का सरकारी या निजी निर्माण कार्य प्रतिबंधित रहेगा। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं तथा इनके क्रियान्वयन की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से बचाव के लिए रोकथाम के उपायों को प्राथमिकता दी जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में जनहित को ध्यान में रखते हुए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

More Stories
अवैध पशु कटान में लिप्त 2 अभियुक्तो को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
महंगे शौकों को पूरा करने की लत ने पहुंचाया सलाखों के पीछे, डोईवाला क्षेत्र में हुई वाहन चोरी की घटना का 8 घंटे के अंदर दून पुलिस ने किया खुलासा, डिलीवरी बॉय सहित 2 अभियुक्तों को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
दिव्यांग बच्चों के बीच अपना जन्म दिवस मनाने पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, बच्चों के साथ केक काटा, आत्मीयता से मिले और साझा की जन्म दिवस की खुशियां, बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है—मुख्यमंत्री